टीला मोड़ में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में सहयोग देने वाले स्वयंसेवकों को मिला सम्मान
रिपोर्ट: नरेश तोमर
टीला मोड़। कांवड़ यात्रा के अंतिम चरण में लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने में पुलिस का सहयोग करने वाले कांवड़ मित्रों को थाना टीला मोड़ पुलिस ने सम्मानित किया। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रभु दयाल ने स्वयंसेवकों को सम्मानित करते हुए उनके सेवा भाव और जिम्मेदारीपूर्ण सहयोग की सराहना की।
हरिद्वार से गंगाजल लेकर दिल्ली की ओर जाने वाले कांवड़ियों के लिए नहर पटरी से फरुखनगर होते हुए टीला मोड़ क्षेत्र तक विशेष यातायात व्यवस्था बनाई गई थी। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े स्वयंसेवकों ने भी पुलिस के साथ मिलकर यातायात नियंत्रण और कांवड़ियों की सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तुलसी निकेतन पुलिस चौकी और टीला मोड़ चौराहे के आसपास स्वयंसेवकों ने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर श्रद्धालुओं को रास्ता दिखाने, यातायात व्यवस्था संभालने और कांवड़ियों की जरूरत के अनुसार सहायता पहुंचाने का काम किया। उनका प्रयास रहा कि हरिद्वार से लौट रहे श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

पुलिस ने स्वयंसेवकों के योगदान को सराहा
सम्मान समारोह में थाना प्रभारी प्रभु दयाल ने कहा कि कांवड़ यात्रा जैसी बड़ी धार्मिक यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने में पुलिस के साथ नागरिकों का सहयोग भी बेहद महत्वपूर्ण है। स्थानीय स्वयंसेवकों ने पूरी जिम्मेदारी के साथ पुलिस का साथ दिया, जिससे यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिली।
पुलिस का सहयोग कर रहे नरेश तोमर ने कहा कि वह हर वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा और व्यवस्था में सहयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि आम नागरिक होने के नाते यह सभी की जिम्मेदारी है कि कांवड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और वे सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचें।
उन्होंने बताया कि युवाओं की एक टीम दिल्ली-मोहन नगर रोड पर पुलिस के साथ यातायात व्यवस्था संभाल रही थी, जबकि दूसरी टीम टीला मोड़ थाना क्षेत्र में कांवड़ियों की सहायता और यातायात प्रबंधन में जुटी थी।
इन कांवड़ मित्रों को किया सम्मानित
समारोह में रोबिन डागर, सुमित धाम, आकाश, मोहित कसाना, आकाश कुमार, आकाश छाबड़ा, अंकित, मोनू, सोनू, संदीप, प्रीतम, रितिक, विशाल, गौतम, अश्मित और मोना सहित अन्य कांवड़ मित्रों को थाना प्रभारी प्रभु दयाल ने सम्मानित किया।
कांवड़ मित्र आकाश छाबड़ा ने कहा कि सभी स्वयंसेवकों का उद्देश्य यही रहा कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से अपने गंतव्य तक पहुंचें।
पुलिस और स्वयंसेवकों के इस संयुक्त प्रयास की स्थानीय लोगों और कांवड़ियों ने भी सराहना की। कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस-प्रशासन और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय ने भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही में अहम भूमिका निभाई।
